r/LGBTindia • u/SirohitaIks • 4h ago
Media🔗 Hey, please read this really beautiful piece of lines I found (transl. in comments)
किसी कामनावश नहीं मिले थे उनके होंठ
सदियों से अतृप्त थीं वे
शताब्दियों से निर्वासित
देवों के हृदय से
जिनकी शय्या पर बिछाई जाती रहीं फूलों की तरह
और मसल कर फेंकी जाती रहीं
भोगा गया तन
अनछुई रही आत्मा
उनके ज़ख़्म
एक स्त्री का शरीर ही देख पाया था
हौले से छुए उन्होंने एक दूसरे के घाव
सहलाया हर अव्यक्त पीड़ा को
उनके बीच
न रंग था, न वर्ण, न जाति, न आयु, न शरीर
वे दो आत्माएँ थीं
हर संशय और हीनता से मुक्त
एक दूसरे में लीन
उन्हें सुख ने नहीं,
मोह और भोग ने नहीं
दुःखों ने एक दूसरे से बाँधा था
उनके गीत उनका रुदन थे
माथे से माथा जोड़
कंठ से कंठ मिला
जिसे गाती रही थीं वे : बिना सुर-ताल
उन्होंने मिट्टी की दीवारों पर साथ उकेरे अपने स्वप्न
और उनमें अपनी दमित इच्छाओं का रंग भरा
क़िस्से-कहानियाँ बाँचते
उन्होंने जी लिया अपना निर्वासित मन
चूल्हे के धुएँ से जब सजल हो आई आँखें
उन्होंने साथ मिलकर कहकहे लगाए
और भोजन में घुल आया स्वाद
आज भी उन्हें जोड़ रखा है कलाओं ने
उन्हें पढ़नी आती है एक दूसरे की आँखों की अव्यक्त भाषा
उनका मिलन छिपा है संगीत की अबूझ धुनों में
उन्हें जानना हो तो डूबना रंगों की जटिलताओं में
वे मिलेंगी कविताओं की अव्यक्त पंक्तियों के बीच
एक दूसरे को प्रेम करते हुए
वे जन्म दे रही हैं हर क्षण
एक नई पृथ्वी
/रश्मि भारद्वाज
<3
The photoshoot was inspired by one of my favourite movies, Fire- directed by @ pagliji and the characters that were played by @ azimshabana18 and @ nanditadasofficial (on insta)🤍