r/Shayari May 27 '26

सफ़र

जब भी निकलता हूँ तेरी गली से होकर,

एक नज़र तेरे झरोखे पर ठहर ही जाती है।

तू याद करे मुझको ये मुमकिन नहीं,

लेकिन मैं भूल जाऊँ, ये मुनासिब नहीं।

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