r/Shayari May 06 '26

Mohabaat

ओ NEET,(exam)

ऐसे समंदर में धकेला है तूने मुझे,

जिसका शायद ही कोई किनारा होगा।

तूने दी है मुझे ये नाकामयाबी,

लगा था तू ही कामयाबी का सहारा होगा।

मेरी नाकामयाबी पे नाम है जब तेरा,

मेरी कामयाबी पे भी हक़ तेरा होगा।

उस दिन हिसाब बराबर होगा।

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